SHARAN KAND - 4

SHARAN KAND - 4

Raj ComicsHindi
PublisherRaj Comics
LanguageHindi
Release Date12/1/2007
PagesN/A

Description

विसर्पी का हरण कर ले गया क्रूरपाशा जिसकी तलाश में निकले नागराज और ध्रुव के सामने आ खड़े हुए यति जो नागों से घृणा करते हैं क्योंकि नागों ने ही ली थी यातिराज जिंगालू के प्राण! क्या नागराज यतियों और नागों के द्वेष को समाप्त कर पाएगा?