Sarvsanhaar - 4

Sarvsanhaar - 4

Raj ComicsHindi
PublisherRaj Comics
LanguageHindi
Release Date12/26/2014
PagesN/A

Description

सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग के सभी महानायक अपनी जान पर खेल कर मानवता पर मंडरा रहे भयानक खतरे से जूझ रहे हैं! उनके युग लगा दिए गए हैं दांव पे! शुरू हो चुकी हैं खूनी प्रतिस्पर्धाएं! जो जीतेगा उसका ही युग ब्रह्मांड में अस्तित्व में रहेगा, जो हारेगा उसका युग हमेशा के लिए मिटा दिया जाएगा! रक्षक ही लड़ रहे हैं रक्षक से! इन खूनी लड़ाइयों के विजेता ही बचा पाएंगे अपने लोगों और अपने युग को! दो दल बनाए गए हैं पूर्वकाल और पश्चातकाल! अब तक प्रचंडा और तिलिस्मदेव के मुकाबले परमाणु और शक्ति ने अपनी-अपनी सपर्धाएं जीत कर अपने दल पश्चातकाल को बढ़त दिला रखी है! पूर्वकाल दल शून्य के मुकाबले दो अंक से पिछड़ रहा है! और अब मैदान में उतरे हैं तिरंगा और शुक्राल! क्या देशभक्त डिटेक्टिव तिरंगा भी अपने दल की बढ़त बनाने में कामयाब रहेगा या इस बार बुद्धि का बाहुबली शुक्राल बाजी मार ले जाएगा? पल प्रतिपल बेहद रोचक और अति रोमांचक बनता जा रहा है समय के सारथि युगम का रचा यह अनोखा ‘एक युद्ध- एक युग’ नामक रहस्यमयी महारण!